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आकोला में गौशाला व्यवस्था को लेकर युवाओं का आक्रोश, 1 जून से धरने की चेतावनी

आकोला के युवाओं की गोशाला स्थिति सुधार की मांग:गोवंश सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर प्रशासन को दिया ज्ञापन, बोले- 1 जून से धरना देंगे

आकोला स्थित कृष्ण महावीर गोपाल गोशाला समिति से जुड़ी व्यवस्थाओं, गोवंश सुरक्षा और प्रशासनिक पारदर्शिता की मांग को लेकर नगर के गौसेवकों, युवाओं और नागरिकों की मुहिम अब प्रशासनिक स्तर पर गंभीर रूप ले रही है। यह मामला तहसील से लेकर जिला मुख्यालय तक पहुंच गया है।

पिछले कई महीनों से गोशाला की स्थिति, गोवंश की देखरेख, चारा-पानी, उपचार व्यवस्था, स्वच्छता और संचालन प्रणाली को लेकर नगर में लगातार चर्चा और चिंता का माहौल बना हुआ था। नगरवासियों और गौसेवकों ने समय-समय पर संबंधित विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों को मौखिक और लिखित रूप से अवगत कराया था।

स्थानीय प्रशासन और पुलिस को शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन सौंपे गए थे। इसके बाद आज आकोला-भूपालसागर तहसील कार्यालय पहुंचकर युवाओं और गौसेवकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी भूपालसागर के नाम तहसीलदार को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। तहसीलदार ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि ज्ञापन संबंधित विभागों और अधिकारियों तक भेजा जाएगा।

तहसील कार्यालय से निकलने के बाद, प्रतिनिधिमंडल जिला कलेक्ट्रेट चित्तौड़गढ़ पहुंचा। यहां जिला प्रशासन को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर विषय की गंभीरता से अवगत कराया गया। गौपालन विभाग और अन्य संबंधित प्रशासनिक कार्यालयों में भी ज्ञापन प्रस्तुत किए गए।

ज्ञापन में गौशाला की वर्तमान स्थिति, गोवंश सुरक्षा, उपचार व्यवस्था, पर्याप्त चारा-पानी, स्वच्छता, पशु-कल्याण, प्रशासनिक पारदर्शिता और सार्वजनिक अनुदान व जनसहयोग राशि के उपयोग से संबंधित अभिलेखीय स्पष्टता सुनिश्चित करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई है। इसमें स्थायी और जवाबदेह व्यवस्था की स्थापना पर जोर दिया गया है।

प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मांग की है कि नगर के वरिष्ठजनों, पंच-पटेलों, गौसेवकों, वर्तमान और पूर्व समिति सदस्यों और जिम्मेदार नागरिकों की उपस्थिति में प्रशासनिक निगरानी में एक खुली और पारदर्शी बैठक आयोजित की जाए, ताकि स्थायी समाधान सुनिश्चित हो सके। उन्होंने यह भी निवेदन किया कि गोवंश हित में संचालित सरकारी सहायता और अनुदान व्यवस्था किसी भी प्रकार प्रभावित न हो।

ज्ञापन में यह भी स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि समयबद्ध और संतोषजनक प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित नहीं होती है, तो 1 जून से आकोला मुख्य बस स्टैंड पर शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और प्रतीकात्मक धरना-प्रदर्शन प्रारंभ किया जाएगा।

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