हिमाचल प्रदेश की लाहौल-स्पीति मंडल में स्थित एक प्रमुख ग्लेशियर झील (घेपन झील) में जलस्तर में लगभग 176 % बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे भविष्य में संभव बाढ़ और ग्लेशियर-ब्रेक के खतरे की चेतावनी जारी की गई है। राज्य सरकार ने स्थानीय प्रशासन को अलर्ट पर रखा है और संभावित राहत-प्रबंधन योजनाओं को तैयार करने का निर्देश दिया है। विशेषज्ञों ने कहा है कि यदि इस झील का बांध या प्राकृतिक अवरोध टूटता है, तो नीचे बहती नदियों में अचानक बहुत पानी आ सकता है, जिससे जन-हानि और सम्पत्ति-नुकसान का जोखिम है। इसीलिए, आसपास के गांवों के निवासियों को सावधानी बरतने, ऊँची भूमि की ओर समय-समय पर विस्थापन विकल्प तैयार रहने तथा मौसम-परिस्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है। राज्य प्रशासन ने कहा है कि आगामी हफ्तों में ड्रोन निगरानी, जल-स्तर मापन तथा आपदा-तैयारी के कार्यक्रम तेज़ किये जा रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश में लाहौल-स्पीति की घेपन झील में 176 % वृद्धि, चेतावनी जारी






